Saturday, July 12, 2014

जीवन भर का विद्यार्थी (बुद्धपूर्णिमा)

वर्ष मैं एक बार मौका आता है जब विद्यार्थी अपने अपने शिक्षकों का वंदन  करते  है , ये  क्यों  किया  जाता है शायद ९९% नहीं जानते पर परंपरा है तो उसे हम सभी निभा रहे है , कुछ लोग जानभूज़ कर इस प्रक्रिया का हिस्सा है तो बहुतसे अंजाने मैं ही करते है उनमें से मैं  भी एक हु ! अमेरिका इस पर्व को इस वर्ष "Supermoon" देख कर मना रहा है ! वैसे इंटरनेट पर काफी खोज के बाद भी मैं "Supermoon" के विषय मैं ज्यादा जान नहीं पाया !

सरसरी तौर पर देखने से ये लगता है के हम उन शिक्षको का अभिवादन इस लिए करते है क्योकि हमने उनसे कुछ ज्ञान अर्जित किया है ऋण स्वरुप हम उन प्रबुद्धजनो का आभार मानते है।  पर इस बदले परिवेश और हर पल बदली टुनिया का हिस्सा होने से ये तय कर पाने मैं असमंजस की स्तिथि मैं आ जाते है आखिर किसको गुरु माने!

कही पढ़ा था की हम सभी उम्र भर के लिए विद्यार्थी है , पर पारम्परिक तौर पर हमे इस पर्व को    चलायमान  रखना  है! अतः  उन सभी का धन्यवाद जिनसे मैंने कुछ सीखा है फिर वो मुज़्हसे बड़ा हो या छोटा , अच्छा  हो या  बुरा !
           
बुद्ध पूर्णिमा / गुरु पूर्णिमा के इस पवन पर्व पर सभी  का  आभार  जिनसे  मुज़हे अच्छा या  बुरा  सिखने को मिला है !


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